Author: वीरेंद्र कुमार जाटव

केंद्र सरकार की घोषणा से राजनीतिक हलचल नई दिल्ली। केंद्र सरकार की ओर से अचानक जातीय जनगणना की घोषणा किए जाने के बाद देश की सियासत में खलबली मच गई है। यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब विपक्षी दल इसे लंबे समय से अपना प्रमुख एजेंडा बनाकर जनता के बीच ले जा रहे थे। राहुल गांधी ने फैसले का स्वागत किया कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने केंद्र सरकार से जनगणना की स्पष्ट समयसीमा तय करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरक्षण पर लगाई गई…

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बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। 2025 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी दलों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। हाल ही में बिहार विधानसभा परिषद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। इसके बाद राबड़ी देवी ने परिषद के बाहर भी नीतीश कुमार पर जोरदार हमला बोला। इन घटनाक्रमों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि आगामी चुनाव में कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी। ध्रुवीकरण की राजनीति तेज होली के अवसर पर विभिन्न दलों के नेताओं ने मतदाताओं को लुभाने के लिए भावनात्मक और अकारण…

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अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी एवं भारत हॉकी की आन बान शान पदमश्री एवं अर्जुन अवार्ड विजेता वंदना कटारिया ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास लेकर सबको चौंका दिया है। वंदना कटारिया 2009 में भारत की टीम का हिस्सा बनी थी और अपने 15 वर्ष के करियर में 320 प्रतिस्पर्धा में 158 गोल करने का कीर्तिमान स्थापित किया था। टोक्यो ओलंपिक 2020 में वंदना कटारिया ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हैट्रिक लगा कर भारत को शानदार जीत दिलाई थी। वह हॉकी अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में हैट्रिक लगाने वाली देश की एकमात्र और प्रथम खिलाड़ी हैं। उन्होंने एशियाई गेम्स कॉमनवेल्थ गेम्स वर्ल्ड हॉकी कप में…

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बौद्ध धर्म के अनुयायियों में महाबोधि मंदिर एक्ट 1949 को लेकर दशकों से असंतोष देखा गया है। इस एक्ट के तहत महाबोधि विहार मैनेजमेंट कमेटी में हिंदू धर्म के चार प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है, जबकि अध्यक्ष पद पर गया के जिलाधिकारी को नियुक्त किया जाता है, जो आमतौर पर हिंदू होते हैं। अब, 12 फरवरी 2025 से देशभर के बौद्ध संगठन इस एक्ट में संशोधन की मांग को लेकर बोधगया में शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि मैनेजमेंट कमेटी के सभी नौ सदस्यों को बौद्ध धर्म से मनोनीत किया जाए। तीन दशक…

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भारत में पंचायत राज को मजबूत करने के लिए संविधान में सन 1992 में संविधान संशोधन किया गया था. जिसके माध्यम से ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद में महिलाओं के लिए सीट आरक्षित की गई थी. पहले यह 33% थी लेकिन अब अधिकांश राज्यों में यह 50% हो गई है. भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी भी पंचायत राज के प्रभावी क्रियान्वयन के पक्षधर थे. इस व्यवस्था का एक दुर्भाग्यपूर्ण पक्ष यह भी रहा कि यदि महिला का निर्वाचन प्रधान या पंचायत समिति या जिला पंचायत परिषद में होता है तो पत्नी एवज में उनके पति अथवा परिवार…

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हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने एक अप्रत्याशित फैसला लेते हुए अपनी प्रथम कैबिनेट बैठक में ही सुप्रीम कोर्ट के 1 अगस्त के फैसले के अनुरूप वर्गीकरण व्यवस्था को अनुसूचित जाति आरक्षण में लागू कर दिया है। यह हरियाणा सरकार के लिए ऐतिहासिक फैसला हो सकता है लेकिन यह कदम सभी वंचित वर्गों को नौकरी सुनिश्चित करेगा यह कभी संभव नहीं सकता। हरियाणा सरकार का मानना है कि जो अनुसूचित जातियां पीछे छूट गई हैं उनके लिए कोटा में कोटा की व्यवस्था की गई है. सरकार का मानना है कि इस तरह से वंचित समाज को नौकरी में अवसर मिलेंगे…

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