दिल्ली सरकार के पूर्व समाज कल्याण मंत्री और सीमापुरी सुरक्षित विधानसभा के वर्तमान विधायक राजेंद्र पाल गौतम शुक्रवार को आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देकर कांग्रेस में शामिल हो गए. उन्हें एआईसीसी मुख्यालय में कांग्रेस के महासचिव के सी वेणुगोपाल, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव और मीडिया पब्लिसिटी विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा की मौजूदगी में पार्टी में शामिल किया गया.
राजेंद्र पाल गौतम ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा ऐसे समय दिया है जब दिल्ली विधानसभा चुनाव केवल 6 महीना ही दूर है. राजेंद्र पाल गौतम एक जाने-माने अंबेडकरवादी चेहरे हैं जो कि देशभर में अपनी अम्बेडकरी विचारधारा के लिए बेहद लोकप्रिय हैं.
राजेंद्र पाल गौतम को कांग्रेस पार्टी में शामिल करते हुए किसी वेणुगोपाल ने बताया कि यह पार्टी के लिए गर्व का पल है. “भारत जोड़ो यात्रा और भारत जोड़ो न्याय यात्रा ने देश को एक नया विमर्श दिया है जिस देश पूरी ताकत के साथ स्वीकार कर रहा है. श्री मल्लिकार्जुन खड़गे और श्री राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की नीतियों से प्रभावित होकर राजेंद्र पाल गौतम जी ने पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया है”, उन्होंने बताया.

कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के बाद राजेंद्र पाल गौतम ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी के नेता राहुल गांधी के साथ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि, “मैं कांग्रेस पार्टी मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की विचारधारा से प्रभावित होकरज्वाइन की हैजिन्होंने जातिगत जनगणना, समानता, भाईचारे और न्याय के लिए आवाज उठाई.”
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय समन्यवक अरविंद केजरीवाल के नाम लिखी एक चिट्ठी में राजेंद्र पाल गौतम ने कहा की पार्टी जातिगत जनगणना, आरक्षण की सीमा 50% बढ़ाने और जनसंख्या के अनुपात में भागीदारी जैसे बहुजन समाज के अहम् विषयों और धर्मनिरपेक्षता को बचाने में भाजपा के सामने कमजोर और असहाय नजर आ रही है. अपने तीन पेज के त्यागपत्र में श्री गौतम ने कहा, “आम आदमी पार्टी में सामाजिक न्याय और सामाजिक एकता पर काम करना नामुमकिन है.”

दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि बाबा साहब के सच्चे सिपाही के रूप में सामाजिक न्याय उनके जीवन का प्रथम और आखिरी उद्देश्य है जिसकी पूर्ति आम आदमी पार्टी में रहकर कतई संभव नहीं. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी एससी एसटी ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को कोई विशेष प्रतिनिधित्व नहीं दे रही.
श्री गौतम ने कहा कि पार्टी अपने सवर्ण विधायकों और मंत्रियों के साथ खड़ी होती है लेकिन दलित और मुस्लिम नेताओं के मामले में हाथ खड़े कर देती है चाहे आरोप झूठ ही क्यों ना हो.
राजेंद्र पाल गौतम आम आदमी पार्टी में नवंबर 2014 में शामिल हुए थे और बाद में चलकर केजरीवाल सरकार में वे मंत्री भी बने. उन्होंने कैबिनेट से अक्टूबर 2022 में दिल्ली नगर निगम चुनाव से पहले धम्म दीक्षा समारोह में हुए विवाद के बाद इस्तीफा दे दिया था.
राजेंद्र पाल गौतम आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देने वाले दूसरे मंत्री हैं. इससे पहले राजकुमार आनंद ने भी अप्रैल में आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. राजकुमार आनंद ने कहा था कि जो पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन से उपजी हो वह फिर से भ्रष्टाचार की दलदल में फंस चुकी है. राजकुमार आनंद आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देकर बसपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़े थे लेकिन बाद में उन्होंने भाजपा ज्वाइन कर ली.

